कभी-कभी रोगियों को यह भी पता नहीं चलता कि उनको मानसिक रोग है। मानसिक रोगों में आने वाली जो गतिविधियां है। वह इस प्रकार है बंद कमरे में घबराहट होना रोज ट्रबल इसको बोलते हैं। इंग्लिश में जल्दी गुस्सा आ जाना किसी की बात को ध्यान से ना सुन पाना सामने वाले की बात खत्म होने से पहले ही बोलने के लिए मजबूर हो जाना बोलते बोलते अपने मुंह से थूक सामने वाले के मुंह पर गिरना थूक के छींटे गिरते हैं सामने वाले के मुंह पर यह एक मानसिक रोग हो सकता है। इन सभी रोगों का आयुर्वेद में इलाज होता है नींद में बोलना अकेले बैठे-बैठे बड़बड़ाना खाने का स्वाद ना आना फिट्स मिर्गी दौरा पानी को देखते ही घबराहट होना ज्यादा पानी को देखते घबराहट होना तेज वाहन में बैठने के बाद घबराहट होना उल्टी होना गाड़ी चलाते हुए बिना वजह होरन बजाते रहना अक्सर खाना खाते समय दांतो के बीच में जीवा जाना यह मानसिक रोग हो सकता है। हमेशा अतीत (बीता हुआ समय) पर विचार करते हैं रहना और उसको मानसिक तनाव का हिस्सा बना लेना यह मानसिक रोग हो सकता है। उमंग ना होना उत्साह की कमी सकारात्मक ना रहना पॉजिटिविटी का कम होना यह मानसिक रोग हो सकता है। इन सभी रोगों का आयुर्वेद पद्धति में इलाज है बड़बड़ाना बहकना हमेशा उल्टा सीधा बोलते रहना घंटो अतीत को लेकर के झगड़ा करना बीते हुए समय की नकारात्मकता वर्तमान में देखते रहना यह मानसिक रोग हो सकता है।
यह सब मानसिक रोगों के लक्षण हैं और भी मानसिक रोगों के कई लक्षण है जो हमने डिफाइन नहीं किए हैं । कई रोगी मानसिक रोग होते हुए भी अपने आप को रोगी नहीं समझ पाते जिसका हमने बहुत कम शब्दों में डिफाइन करने की कोशिश की है। आप इसको वेबसाइट पर पढ़ करके स्टडी करके डाल सकते हैं।
वैद्य आलोक अग्रवाल आयुर्वेदा सेक्टर 11 रोहिणी दिल्ली 999 9921 581
Copyright © 2020 by Vrinda Health Trends | All rights reserved Design By : Weblogicdesign.com